सूजन या जलोदर (Oedema or Dropsy) 

सूजन या जलोदर (Oedema or Dropsy) 

सूजन या जलोदर (Oedema or Dropsy) 

लक्षण: शरीर के किसी एक अंग हाथ पैर चेहरे छाती पेट इत्यादि पर या कई अंगों पर एक साथ सूजन हो जाती है। 

कारण: शरीर में विजातीय द्रव्यों (Toxins) का इक‌ट्टा हो जाना। यह अधिकतर हृदय एवं गुर्दे के रोगों के कारण से होती है। रक्त संचार एवं निष्कासन में कमी या बाधा, हृदय रोगों की वजह से सूजन चेहरे एवं आखों के नीचे पहले दिखाई देती है जो प्रात:काल ज्यादा होती है। 

यकृत (Liver) रोग की वजह से भी सूजन हो जाती है जो टाँगों और 

पैरों पर ज्यादा होती है। 

यह हारमोन की वजह से भी होती है जो कि माहवारी शुरू होने से पहले (Pre-Menstrual Phase) एवं गर्भावस्था (Pregnancy) में पायी जाती है। थायराइड के असंतुलन से भी रोग हो जाता है। यदि एलर्जी की वजह से है तो सूजन में खुजली भी होती है। 

उपचार : चार-पाँच दिन तक आवश्यकतानुसार रसाहार (संतरा, 

अनार, मौसमी, गाजर, लौकी, सफेद पेठा, नारियल पानी इत्यादि का रस)। फिर हरी सब्जियों का सूप एवं फलाहार लें। उसके बाद ताजा कच्ची सब्जियाँ (सलाद) भी लेना शुरू कर दें। इसमें अनानास का सेवन बहुत लाभकारी है। दूध फाडकर उसका पानी दें। प्रातः लहसुन को चबाना और करेले का रस लेना लाभदायक है। 

नमक, मिर्च मसाले, तले भूने पदार्थ, गरिष्ठ भोजन न लें। 

नीम के पत्ते बहुत उत्तम हैं। उन्हें चबायें या उनको पीसकर पानी पिये 

या पत्तों का सूप बनाकर पिये। 

सूर्य किरणों से तैयार हरी बोतल का पानी पियें। 

एनिमा, पेट की मिट्टी पट्टी करें। 

हल्का धूपस्नान लें। 

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